झालावाड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विद्यार्थी भाग का एकत्रीकरण हुआ। इसमें नगर की 28 शाखाओं से 558 स्वयंसेवक शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला संघचालक डॉ. दिलीप जैन और नगर संघचालक श्यामलाल खत्री समेत संघ के कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद थे। मुख्य वक्ता राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100वें साल में प्रवेश कर चुका है। आज बड़ी संख्या में युवा संघ की शाखाओं से जुड़कर राष्ट्रभक्ति और संस्कार सीख रहे हैं। उन्होंने बताया कि संघ का मकसद ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो देश और समाज के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम करें। निंबाराम ने संघ की स्थापना का इतिहास बताते हुए कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने साल 1925 में विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने लोगों को तैयार कर समाज को जोड़ने और देशभक्त लोगों की नई श्रृंखला बनाने का काम शुरू किया था। उन्होंने यह भी बताया कि शाखा के जरिए हर दिन मिलने, अच्छा बोलने, अच्छा सुनने और अच्छा करने के संस्कार सिखाए जाते हैं। संघ का काम समाज में नियमित रूप से संस्कार देना और निस्वार्थ भाव से काम करने वाले लोग बनाना है। निंबाराम ने विद्यार्थियों से अच्छी पढ़ाई करने, संस्कारवान बनने और अच्छे नागरिक के रूप में देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि सभी भारत माता की संतान हैं और समाज में ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम का समापन “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ।