झालावाड़ में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। इसे लेकर पूर्व सभापति मनीष शुक्ला ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है। पूर्व सभापति ने बताया कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कोटड़ा गांव में पेयजल की समस्या अत्यंत गंभीर है। यहां दो साल से अधिक समय पहले बनी पानी की टंकी शोपीस बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। 3 किमी दूर से पानी लाने को मजबूर लोग कोटड़ा के ग्रामीण भीषण गर्मी में 2-3 किलोमीटर दूर कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। इन कुओं का पानी भी साफ नहीं है, फिर भी प्यास बुझाने के लिए उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। झालावाड़ शहर में भी हाउसिंग बोर्ड, कालीदास कॉलोनी, आईडीएसएमटी कॉलोनी और गायत्री मंदिर के पीछे शांति कुंज सहित कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। अप्रैल माह में ही यह स्थिति है, जिससे आगे और समस्या बढ़ने की आशंका है। रखरखाव नहीं होने के कारण बिगड़े हालात प्रशासन की लापरवाही और समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण कई जगहों पर पानी लीकेज हो रहा है। तबेला रोड इसका एक उदाहरण है, जहां पानी व्यर्थ बह रहा है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा है और आपूर्ति का समय भी काफी कम है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर ने दिया आश्वासन इस संबंध में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कोटड़ा में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी और वहां की बंद पड़ी टंकी को जल्द ही चालू करवाया जाएगा। कलेक्टर ने अन्य समस्याओं को भी शीघ्रता से हल करने का भरोसा दिया है। ज्ञापन देने वालो में शुक्ला के साथ कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ कांग्रेस जिला अध्यक्ष ब्रजमोहन यादव, पर्यावरण प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव पवन जैन, नगर अध्यक्ष कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ मुकेश कश्यप, एडवोकेट तोकिर आलम, जावेद चौधरी, दुलीचन्द बंजारा, मनोज बंजारा, विजय सिंह बंजारा कोटड़ा, चन्द्रप्रकाश शर्मा, भंवरलाल रेंगर, पीयुष कश्यप, आकाश भील, दीपक गुर्जर, पवन मीणा, रवि मीणा, पदम शर्मा, शुभम यादव सहित अनेक कार्यकर्ता व पदाधिकारीगण मौजूद रहे।