झालावाड़ में युवाओं को स्थानीय ही नहीं, बल्कि विदेशी रोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार किया जाएगा। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिला कौशल एवं उद्यमिता समिति की बैठक में स्किल गैप रिपोर्ट के आधार पर सात दिन में डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान (डीएसडीपी) तैयार करने करने के निर्देश दिए। साथ ही, पात्र युवाओं को सात दिन में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जोड़ने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण शुरू करने के भी निर्देश दिए। 7 दिन में तैयार होगा जिला स्किल प्लान जिला कलेक्टर ने स्किल गैप असेसमेंट कार्यशाला की रिपोर्ट के आधार पर सात दिनों के भीतर डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान (डीएसडीपी) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले की औद्योगिक आवश्यकताओं और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर संचालित किए जाएं, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को अधिकतम रोजगार मिल सके। इंटर्नशिप और रोजगार पर फोकस बैठक में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने शेष पात्र अभ्यर्थियों को सात दिनों के भीतर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही जिला रोजगार अधिकारी को 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण 50 युवाओं की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के लिए कहा। प्रशिक्षण केन्द्रों की होगी विस्तृत समीक्षा जिले में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने प्रत्येक केन्द्र से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। इसमें संचालित पाठ्यक्रम, उनकी अवधि, प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का विवरण, प्रस्तावित प्रशिक्षण योजना और भुगतान संबंधी जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए। स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार नए पाठ्यक्रम बैठक में नए कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को राज्य स्तर पर आवंटन की प्रक्रिया के साथ-साथ स्थानीय रोजगार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव तैयार कर राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) और संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए। उद्योग संघ के प्रतिनिधि सोहन सिंह शक्तावत ने कंप्यूटर रिपेयर, मोबाइल रिपेयर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल सहित विभिन्न तकनीकी प्रशिक्षण शुरू करने का सुझाव दिया। इस पर जिला कलेक्टर ने उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने को कहा। साथ ही एग्रीकल्चर, फार्म सेक्टर, होटल प्रबंधन, हाउसकीपिंग, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी उद्योग और पशुपालन प्रबंधन से जुड़े पाठ्यक्रमों को भी डीएसडीपी में शामिल करने के निर्देश दिए। विदेशी रोजगार के लिए भी होगी तैयारी जिला कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर रिपेयरिंग, मोबाइल रिपेयरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना होना चाहिए। बैठक के अंत में जिला रोजगार अधिकारी अंकुर शर्मा ने शीघ्र डीएसडीपी प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।