विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में ब्राह्मण गौरव सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के 76 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा संगठन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने अपने संबोधन में शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा- ब्राह्मण समाज का इतिहास हमेशा से ज्ञान और त्याग का रहा है। आज के युग में शिक्षा ही वह शस्त्र है, जिससे हम समाज की कुरीतियों को मिटा सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। 90% से अधिक अंक लाना केवल आपकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आपके माता-पिता के संस्कारों और समाज की बौद्धिक विरासत की जीत है। समाज के लोगों की मदद करें दाधीच ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मेधावी छात्रों को केवल करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कमलकांत शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक उमाशंकर महमिया एवं राकेश सहल ने बताया कि इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में जिले का नाम रोशन करने वाली 76 प्रतिभाओं को मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक उमाशंकर महमिया ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया ने विप्र फाउंडेशन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संरक्षक राजेंद्र जोशी, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशा शर्मा, सह संयोजक राकेश सहल और दाधीच सेवा समिति के जिलाध्यक्ष रामनिवास दाधीच उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्यामसुन्दर दाधीच, रमेश चौमाल, मनोज दाधीच, विकास शर्मा, एडवोकेट नीरज शर्मा, ममता शर्मा (महिला जिलाध्यक्ष), डॉ. विद्या पुरोहित सहित विप्र समाज के सैकड़ों प्रबुद्धजन और मातृशक्ति उपस्थित रही। संचालन शिक्षाविद सत्यनारायण शर्मा ने किया और जिला मंत्री विकास पुरोहित ने सभी का आभार व्यक्त किया।