झुंझुनूं में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस की कालिका टीम स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रही है। टीम महिलाओं को RAJCOP Citizen App, महिला गरिमा हेल्पलाइन और पैनिक बटन के इस्तेमाल की जानकारी दे रही है। पुलिस का कहना है कि आपात स्थिति में एक क्लिक या कॉल के साथ कंट्रोल रूम को लोकेशन मिल जाएगी और कालिका टीम व 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद करेगी। घर-घर और संस्थानों में पहुंच रही टीम महिला पुलिसकर्मी घर-घर जाकर और स्कूल, कॉलेज तथा अन्य संस्थानों में छात्राओं और महिलाओं से बातचीत कर रही हैं। इस दौरान उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि किसी घटना या परेशानी की स्थिति में पुलिस से तुरंत मदद कैसे ली जा सकती है। डिजिटल सुरक्षा की भी दी जा रही जानकारी कालिका टीम महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दे रही है। पुलिस की ओर से RAJCOP Citizen App के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। पुलिस के अनुसार यह ऐप आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में उपयोगी है। इसके अलावा महिला गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आसान भाषा में समझाई जा रही है। महिला उप निरीक्षक संतरा ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आते ही कंट्रोल रूम को महिला की लोकेशन मिल जाती है। इसके बाद कालिका टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराती है। सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन की जानकारी पुलिस की ओर से सार्वजनिक और कॉमर्शियल वाहनों में लगाए गए पैनिक बटन के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। छात्राओं और महिलाओं को बताया जा रहा है कि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर पैनिक बटन को तीन सेकंड तक दबाना है। पुलिस के अनुसार पैनिक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को सूचना पहुंच जाती है। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति की लोकेशन भी मिल जाती है और 112 टीम तथा कालिका टीम मौके के लिए रवाना हो जाती है। महिलाओं में भरोसा बढ़ाना उद्देश्य महिला उप निरीक्षक संतरा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ाना है। पुलिस चाहती है कि महिलाएं किसी भी घटना या परेशानी की स्थिति में बिना डर और झिझक के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस की ओर से सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन की जांच भी की जा रही है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर जागरुकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान के जरिए महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और जिले को महिलाओं के लिए और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।