अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) हॉस्पिटल में सोमवार को बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था से मरीजों को परेशान होना पड़ा। डॉक्टर को दिखाने के लिए पर्ची बनवाने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। सर्वर ठप होने, बार-बार बिजली बाधित होने और पंखे बंद रहने से हॉस्पिटल में मरीज और उनके परिजन परेशान होते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ी, जो दर्द और उमस के बीच अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पर्ची के लिए घंटों इंतजार, हर काउंटर पर लंबी लाइन ऑर्थोपेडिक, नेत्र रोग समेत लगभग सभी ओपीडी काउंटरों पर सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लगी रहीं। ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने से पर्ची बनने की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कई मरीज डेढ़ से तीन घंटे तक लाइन में खड़े रहे, जबकि कई ऐसे थे जिन्हें खड़ा होना भी मुश्किल था। सर्वर डाउन ने बढ़ाई परेशानी, स्टाफ भी रहा बेबस हॉस्पिटल में बार-बार इंटरनेट और सर्वर ठप होने से कंप्यूटर काम नहीं कर पाए। पर्ची काउंटरों पर कर्मचारी भी मरीजों को सिर्फ तकनीकी खराबी का हवाला देते नजर आए। यह पहली बार नहीं है, जब सर्वर की समस्या से अस्पताल की व्यवस्था चरमराई हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति बन चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। उमस में बंद पड़े पंखे, मरीज पसीने से तर-बतर तकनीकी समस्या के साथ हॉस्पिटल की बुनियादी व्यवस्थाएं भी सवालों के घेरे में रहीं। पर्ची काउंटरों के पास लगे कई पंखे बंद पड़े थे। उमस भरे मौसम में बुजुर्ग, महिलाएं, छोटे बच्चों के साथ आए परिजन और गंभीर मरीज घंटों तक पसीने से लथपथ लाइन में खड़े रहे। मरीज बोले- दर्द से ज्यादा व्यवस्था ने तोड़ा जेएलएन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव ने कहा कि सर्वर और तकनीकी समस्या की जानकारी प्रशासन को है। इसे जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।