पुनर्मूल्यांकन से मेरिट प्रभावित होने पर विद्यार्थी को सात दिन के भीतर विशेष अवसर देने का प्रावधान है। परीक्षा-प्री-रिजल्ट अनुभाग को भी सात दिन में परिणाम घोषित करना होगा। ऑल ऑनर्स यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में स्वर्ण पदक के लिए न्यूनतम 10 परीक्षार्थियों की शर्त भी प्रस्तावित है। समान अंक तो पिछले सेमेस्टर से तुलना दो या अधिक विद्यार्थियों का सीजीपीए समान होने पर यूजी में पिछले पांच और पीजी में पिछले तीन सेमेस्टर के सीजीपीए की तुलना होगी। जरूरत पड़ने पर प्रथम सेमेस्टर तक के परिणाम भी देखे जाएंगे। इसके बाद भी बराबरी रहने पर समान सीजीपीए वाले सभी विद्यार्थी गोल्ड मेडल के पात्र होंगे। एनईपी के तहत यूजी-पीजी की मेरिट के नियम बदलने की तैयारी एजुकेशन रिपोर्टर . जोधपुर | जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में अब गोल्ड मेडल और टॉप-10 मेरिट सूची में जगह बनाना आसान नहीं होगा। सर्वाधिक सीजीपीए हासिल करने के साथ पात्रता की दूसरी शर्तें पूरी करना भी जरूरी होगा। न्यूनतम 6 सीजीपीए से कम अंक होने पर स्टूडेंट स्वर्ण पदक और मेरिट सूची की दौड़ से बाहर हो जाएगा। संबंधित विषय में 10 से कम परीक्षार्थी होने पर गोल्ड मेडल नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत संचालित यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों के लिए ये नए नियम प्रस्तावित किए हैं। 31 अक्टूबर दोपहर 4 बजे बृहस्पति भवन में होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन नियमों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एनईपी को-ऑर्डिनेशन कमेटी के निर्णय के आधार पर नियमित स्टूडेंट्स को ही गोल्ड मेडल व टॉप-10 मेरिट का लाभ मिलेगा। बिना गैप, ड्यू या एटीकेटी अवधि में कोर्स पूरा करना होगा।