कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी प्रसूताओं की मौत हो गई। जोधपुर में 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत हो गई। प्रसूता समू की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। 4 दिन उम्मेद हॉस्पिटल में इलाज चला। इसके बाद 27 जून को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में रेफर किया गया था, जहां वह वेंटिलेटर पर थी और लगातार डायलिसिस चल रहा था। 14 जुलाई से दोबारा उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में डिंपल को 30 जून एडमिट किया गया था। इसी दिन उसकी डिलीवरी हुई थी। इसके बाद तबीयत बिगड़ने लगी थी। इस पर उसका इलाज 17 जुलाई तक चला। 19 जुलाई की रात 9 बजे अचानक तबीयत खराब होने पर दोबारा मथुरादास माथुर हॉस्पिटल लेकर आए थे। इसके बाद उसकी मौत हो गई। 20 जुलाई को उसका पोस्टमॉर्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया गया है। समू की तिंवरी में हुई थी नॉर्मल डिलीवरी महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. फतेह सिंह ने बताया- तिंवरी में समू की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। उसने बच्ची को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद उसका खून रुकना बंद नहीं हुआ। इस पर उसे जोधपुर रेफर किया गया। महिला को उम्मेद हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, तब तक उसका काफी खून बह चुका था। उसकी बच्चेदानी से लगातार खून बह रहा था। इस कारण बच्चेदानी को निकाला गया था। उसे ब्लड, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स चढ़ाए गए। खून की कमी के चलते उसकी किडनी डैमेज हो गई। खून की कमी के कारण हाइपोवॉलेनिक शॉक लगा डॉ. फतेह सिंह ने बताया- महिला की तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वह वेंटिलेटर पर थी। 14 जुलाई को उसे उल्टियां होने लगी और तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने बताया- खून की कमी की वजह से हाइपोवॉलेनिक शॉक लगा था। इस कंडीशन में ब्लड सप्लाई आर्गन तक प्रभावित हो जाते हैं। इसके साथ ही प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कम हो जाते हैं। खून की कमी को पूरा करने के लिए 6 यूनिट ब्लड, 14 यूनिट प्लाज्मा और 10 यूनिट क्रायोसिपिटेड चढ़ाए गए थे। एक महीने में 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, 7 अभी भी एडमिट जोधपुर में पिछले एक महीने में 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इनमें से ज्यादातर प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। एक प्रसूता धापू की तबीयत गलत खून चढ़ाने की वजह से 13 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल में बिगड़ी थी। धापू की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, लेकिन एनीमिया की वजह से उसे रेफर करना पड़ा। फिलहाल उम्मेद हॉस्पिटल में 5 और महात्मा गांधी हॉस्पिटल में 2 प्रसूताओं का इलाज चल रहा है। इनमें एक धापू भी है। --- ये खबर भी पढ़िए- उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)