जोधपुर में कांग्रेस ने राम मंदिर से जुड़े चंदा गबन मामले पर केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्रस्ट को भंग करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अंशुल अविजित ने कहा- करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। डॉ. अंशुल अविजित ने कहा- यदि ट्रस्ट के गठन और उसकी निगरानी में केंद्र सरकार की भूमिका रही है, तो इतने गंभीर आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सामने जवाब देना चाहिए। यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए तथा शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं की गई। कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि फर्जी रसीदों, नकद चढ़ावे, लेखा-जोखा और आयोजनों के खर्चों में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए, चढ़ावे और चंदे का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर पारदर्शी एवं जवाबदेह नया ट्रस्ट गठित करने की भी मांग की।" देश की धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर जुटाए गए धन में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता देश की धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आ सकती। इसीलिए उन्होंने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग दोहराई है। इस अवसर पर जोधपुर शहर कांग्रेस कमेटी और जोधपुर देहात कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में देहात कांग्रेस अध्यक्ष गीता बरवड़, शहर कांग्रेस अध्यक्ष ओमकार वर्मा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पूर्व महापौर कुंती देवड़ा, देहात संगठन महासचिव राकेश चौधरी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।