जोधपुर पुलिस ने एक लाख के इनामी आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी गाड़ी में भाग रहा था। जिसका पीछा कर पुलिस ने पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी का नाम स्वरुपा राम है। इसके खिलाफ पूर्व में कई मामले थाने में दर्ज है। दरअसल, बासनी थाने के कांस्टेबल अशोक बेनीवाल पाल रोड पर रूटीन गश्त और तलाश के दौरान मुल्जिमों की पड़ताल कर रहे थे। इस दौरान गायत्री नगर पाल रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। कॉन्स्टेबल अशोक ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत उस संदिग्ध का मोबाइल से फोटो खींचा और सूचना जुटाई जिससे उसकी पहचान 1 लाख के इनामी स्वरूपाराम के रूप में हुई। कांस्टेबल ने बाईक से आरोपी का पीछा किया पुलिस की भनक लगते ही आरोपी अपनी टोयोटा हिलाक्स लग्जरी गाड़ी में सवार होकर डीपीएस सर्किल और सांगरिया रिंग रोड की तरफ भागा। कांस्टेबल अशोक ने इस पर बाइक से पीछा किया और बाद में थाना पुलिस को भी सूचना दी। इस पर बासनी पुलिस थाने के SI त्रिलोक दान भी मौके पर पहुंचे। पैरोल के दौरान फरार हुआ था आरोपी आरोपी के खिलाफ बाड़मेर, सिरोही, जोधपुर और उदयपुर सहित विभिन्न थानों में अवैध डोडा पोस्त तस्करी, चोरी की गाड़ियां और हत्या व हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह जोधपुर जेल से पैरोल के दौरान वर्ष 2023 में फरार हो गया था और तब से पकड़ा नहीं गया था। फरारी के दौरान वह ज्यादातर समय नेपाल के काठमांडू में रहता था। ऐसे पकड़ा गया इनामी बदमाश आरोपी को पकड़ने पुलिस ने सांगरिया रिंग रोड पर नाकाबंदी भी की गई, लेकिन गाड़ी तेज होने के कारण वह कुड़ी भगतासनी की गलियों में घुस गया। आगे गली बंद होने पर वह गाड़ी छोड़कर एक मकान में छिप गया। मौके पर ANTF जोधपुर इकाई को भी बुलाया गया और मकान की घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि स्वरूपाराम पढ़ाई के दौरान ही तस्करों के चकाचौंध जीवन से प्रभावित हो गया था। बाड़मेर के मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में आने के बाद वह किंगपिन तस्करों की गाड़ियों की सप्लाई और उनका हिसाब-किताब संभालने लगा था। आरोपी पर एएनटीएफ आईजी की ओर से 75 हजार और बाड़मेर पुलिस अधीक्षक की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी आरोपी स्वरूपाराम पडसला भोमियाजी के दर्शन करने के बाद वापस नेपाल भागने की फिराक में था। कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी नितिन दवे, सांगरिया चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक त्रिलोकदान, विशेष भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल अशोक बेनीवाल, कांस्टेबल श्रवण पटेल शामिल रहे।