स्मार्टफोन पर आने वाले अनजान एपीके (APK) लिंक कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसका उदाहरण जोधपुर ग्रामीण में देखने को मिला है। यहां एक शातिर ठग के जाल में फंसे बोरुंदा निवासी ओमप्रकाश को जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस ने पीड़ित के खाते से ठगे गए 1,41,600 रुपए में से 70,600 रुपए सुरक्षित होल्ड करवा दिए, जो अब कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ित को वापस मिल चुके हैं। एसपी (जोधपुर ग्रामीण) पंकज यादव ने बताया- बोरुंदा निवासी ओमप्रकाश के मोबाइल पर शातिर ठगों ने एक अनजान एपीके (APK) लिंक भेजा था। पीड़ित को झांसे में लेकर जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करवाया गया, उनका मोबाइल तुरंत हैक हो गया। मोबाइल का पूरा कंट्रोल (एक्सेस) ठगों के हाथ में जाते ही उन्होंने ओमप्रकाश के बैंक खाते में सेंध लगाई और पलक झपकते ही 1,41,600 रुपए पार कर दिए। एसपी (जोधपुर ग्रामीण) पंकज यादव ने बताया- खाते से पैसे कटने का मैसेज देखकर पीड़ित के होश उड़ गए। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही जोधपुर ग्रामीण की साइबर सेल तुरंत एक्शन में आई। साइबर सेल के कांस्टेबल पुखराज और दयाल सिंह ने बिना देरी किए संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधा। पुलिस ने 70,600 रुपये तुरंत होल्ड करवा दिए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब यह राशि पीड़ित के खाते में रिफंड हो चुकी है। म्यूल खातों के प्रति रहें सचेत पुलिस ने आमजन को 'म्यूल खातों' के प्रति सचेत किया है। बता दें कि म्यूल खाता (Money Mule Account) वह बैंक अकाउंट होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर ठग गैर-कानूनी तरीके से ऐंठे गए पैसे को छिपाने या ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कमीशन के लालच में न फंसें पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि थोड़े से लाभ या कमीशन कमाने के चक्कर में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम (ATM), चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसा करने पर आप भी अनजाने में साइबर अपराधी की श्रेणी में आ सकते हैं और आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। तुरंत दें पुलिस को सूचना यदि आपने अनजाने या गलती से अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को दे दिया है और आपको उसके गलत इस्तेमाल का अंदेशा है, तो बिना डरे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में इसकी लिखित सूचना दें।