जोधपुर की साइबर थाना पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 लाख 70 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी 'एडम कैपिटल' (Adam Capital) नामक कंपनी के जरिए जोधपुर में हर महीने करीब 5 करोड़ रुपए का निवेश करवाते थे। साइबर थाने के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पदमदान चारण ने बताया कि पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह (या जो वर्तमान में कार्यरत हों) के नेतृत्व में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत टीम ने इस बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस टीम ने न्यू पावर हाउस रोड पर स्थित एक बिल्डिंग में चल रहे 'एडम कैपिटल' कंपनी के ऑफिस पर दबिश दी। वहां से आरोपी दीपक पाल सिंह और निर्मल कुमार को दस्तयाब किया गया। मौके से नकद राशि के साथ-साथ निवेश का हिसाब-किताब और ठगी में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री भी जब्त की गई है। निवेश पर 10% लाभ का लालच देकर करते थे आर्थिक अपराध साइबर थाना अधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि भदवासिया निवासी परिवादी रामस्वरूप की रिपोर्ट पर इस ठगी का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक पाल सिंह और निर्मल लाहौटी 'एडम कैपिटल' कंपनी के नाम से लोगों से निवेश करवाते थे। ये शातिर ठग निवेशकों और ब्रोकरों को हर महीने कम से कम 10% लाभ का झांसा देते थे। शुरुआती निवेश के बाद, आरोपी उसी पैसे को व्यापार में घाटा (Loss) दिखाकर हड़प लेते थे और आमजन के साथ आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। जोधपुर के 2 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में आरोपी दीपक पाल सिंह (निवासी रूपनगर, पाल रोड) और निर्मल लाहौटी (निवासी वर्धमान नगर, शोभावतों की ढाणी) को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश सारण, एएसआई कान सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रामदयाल और कॉन्स्टेबल महिपाल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी कंपनी में ट्रेडिंग करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह SEBI, FEMA, RBI या BSE में रजिस्टर्ड है या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विदेश में रजिस्टर्ड किसी भी गैर-अधिकृत कंपनी में निवेश करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।