जोधपुर में विकलांग शिक्षण सेवा संस्थान जोधपुर की देखरेख में बरकतुल्लाह खां स्टेडियम में चल रही नेशनल दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट का सोमवार को फाइनल मैच खेला गया। आयोजक जवान बन गोस्वामी ने बताया कि टूर्नामेंट का फाइनल मैच राजस्थान व दिल्ली के बीच खेला गया। जिसमें दिल्ली ने पहले खेलते हुए 109 रन बनाए। राजस्थान टीम ने जवाब में शानदार पारी खेलते हुए आठ विकेट से मैच जीत लिया। विकलांग संस्थान के निदेशक विजय सिंह मेड़तिया ने बताया कि शाम को विजेता, उप-विजेता सहित बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि परीक्षित सिंह उर्फ बोजो ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उनकी मेहनत और अटूट हौसले को सलाम करते हुए, हमें सहानुभूति की जगह सहयोग, समावेशी वातावरण और बेहतर खेल सुविधाओं के माध्यम से उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिए ताकि वे खेल की दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकें। भामाशाह जाह्नवी कुमारी ने कहा कि खेल में हार जीत होना कोई बड़ी बात नहीं बल्कि उसे पूरे मन से खेलना ही खेल है। सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की क्षमता पर विश्वास जताएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करें, न कि सिर्फ सहानुभूति दिखाएं। दिव्यांग खिलाड़ियों की सेवा के लिए सुमेरपुर से भामाशाह पंकज राज मेवाड़ा सहित अन्य का सम्मान किया। इस दौरान पृथ्वीराज सिंह भाटी, पूर्व उपमहापौर किशन लड्डा, न्यूयार्क के भामाशाह स्टीफन, स्नेहलता, पृथ्वीपाल सिंह, तपस्वीराज सिंह, महावीर कोठारी, मोहित ओझा, विक्रम सिंह पंवार, अजय सिंह मेड़तिया, भावेश गौड, झूमर पालीवाल, हितेश सैन, नेमीचंद गौड़, सुमेर सिंह, अशोक प्रजापत, चंदनसिंह पडियार सहित अन्य उपस्थित थे।