जोधपुर जिले में 10 दिन पहले एक किसान पर हथियारों और लाठियों से हमला किया गया था। इसके बाद घायल किसान खुशाल सिंह की मथुरादास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई थी। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार करते हुए परिजन मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता और बेटे को सरकारी नौकरी मिलने सहित अन्य मांगें थी। इन मांगों को लेकर पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच रविवार को सहमति बन गई। पुलिस ने परिजनों को खेत में जाने का रास्ता बहाल करने, सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और परिवार के भरण पोषण के लिए आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। बता दें कि बिरसालू कला गांव में 25 जून की शाम 30 से 35 बदमाशों ने दो भाइयों के खेत में घुसकर जानलेवा हमला किया था। घटना में दोनों भाई घायल हो गए थे। इनमें बड़े भाई खुशाल सिंह की मौत हो गई थी। वहीं छोटा भाई हुकमसिंह घायल हो गया था। पीड़ित हुकमसिंह ने 27 जून को खेड़ापा थाने में जानलेवा हमले का मामला दर्ज करवाया था। पहले देखें धरने की PHOTOS 30-35 लोगों ने किया था हथियारों-लाठियों से हमला बिरसालू कलां निवासी हुकमसिंह ने 27 जून को खेड़ापा थाने में मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि बिरसालू कलां गांव में हमारे खेत पर मेरे और बडे़ भाई पर 25 जून की शाम जानलेवा हमला हुआ था। बड़ा भाई खुशाल सिंह खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोग हथियारों और लाठियों के साथ खेत में पहुंचे। भाई खुशाल पर जानलेवा हमला किया। घटना में भाई घायल हो गया। सूचना मिलने पर मैं अपने पड़ोसी निम्बाराम और बाबूदेवी के साथ खेत में पहुंचा। मौके पर पहुंचने पर मैंने देखा कि आरोपियों ने भाई खुशाल सिंह के सिर पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इस दौरान मैं भी बीच-बचाव करने पहुंचा, जहां मेरे सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार किया गया। साथ ही लाठियों से मारपीट की गई। इससे मुझे गंभीर चोटें आईं। रिपोर्ट में पीड़ित ने बताया- आरोपियों ने निम्बाराम और बाबूदेवी को गालियां भी दी। बाबूदेवी के साथ कथित रूप से अभद्रता की। मारपीट के दौरान खुशाल सिंह की जेब से दुकान की चाबियां भी निकालकर आरोपी ले गए। घटना के बाद घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण 27 जून को पुलिस थाना खेड़ापा में लिखित रिपोर्ट दी गई थी। 10 दिन से चल रहा था इलाज परिजनों ने खुशाल सिंह को 25 जून को अस्पताल में भर्ती कराया था। खुशाल सिंह का 10 दिन से इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार- घटना के बाद से खुशाल सिंह लगातार बेहोश थे और शनिवार को इलाज के दौरान उनकी अस्पताल में मौत हो गई।
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