प्रदेश में हो रही प्रसूताओं की मौत को लेकर राज्य सरकार ने अब एक्शन प्लान तैयार किया है। अब हर जिले में गर्भवतियों की डिलीवरी से पहले लिस्टिंग होगी। उनका हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसमें ये जानकारी होगी कि उनका इलाज कहां, कौनसे अस्पताल में होगा। कितना खून चढ़ाना होगा। बता दें कि कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और जोधपुर में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासन की ओर से बैठकें हो रही हैं। हाल ही हुई मीटिंग में सभी अस्पतालों को गर्भवती की लिस्टिंग करने के लिए कहा गया है। सभी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हॉस्पिटल से मीटिंग कर रिव्यू किया जा रहा है। जोधपुर में डिलीवरी के 26 दिन बाद खून की कमी और किडनी डैमेज होने से प्रसूता की मौत हो गई थी। प्रसूता में हिमोग्लोबीन का स्तर सिर्फ ढाई ग्राम था। डॉक्टर के अनुसार- एनीमिया से ग्रसित कई प्रसूताओं में हिमोग्लोबीन का स्तर सिर्फ 6 से 7 ग्राम मिलता है। डिलीवरी के बाद मरने वाली 40 प्रतिशत प्रसूताओं में एनीमिया होता है। प्रसूताओं की लिस्टिंग में यह होगी जानकारियां जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- नई व्यवस्था के तहत जुलाई में होने वाली डिलीवरी की लिस्टिंग की गई है। वहीं अब आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। इसमें गर्भवती की पूरी डिटेल होगी कि उसके साथ कौन रहेगा। कौनसे हॉस्पिटल में उनकी डिलीवरी होगी। किन-किन महिलाओं को ब्लड चढ़ाना पड़ेगा। किन महिलाओं को आयरन चढ़ाने की जरूरत होगी। उम्मेद हॉस्पिटल में प्रसूता का ऑपरेशन हुआ, खून नहीं रुका डॉ. बीएस जोधा ने बताया- प्रसूता समू की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। डॉ. जोधा ने बताया- प्रसूता समू को बहुत ज्यादा खून बह रहा था। ऐसे में उसकी जान बचाने के लिए बच्चेदानी निकालनी पड़ी थी। उसका लीवर काम करना बंद कर दिया था और यूरिन भी नहीं बन रहा था। ऐसे में उसे 27 जून को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वह 25 दिन तक वेंटिलेटर पर रही। लगातार डायलिसिस चल रहा था। वह ऐसी स्टेज पर थी, जहां उस पर सारी दवाइयों ने काम करना बंद कर दिया था। 14 जुलाई से दोबारा उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और 19 जुलाई को देर रात उसकी मौत हो गई थी। वहीं डिंपल की 30 जून की रात डिलीवरी हुई थी और उसने लड़के को जन्म दिया था। डिंपल के सातवें-आठवें दिन स्टिच (टांकों) में पानी आने लगा था। इसके बाद दोबारा दो स्टिच लगाए गए थे। इसके बाद उसकी हालत में सुधार था। मरीज के परिजनों ने बताया- 19 जुलाई को उसे सांस में लेने में समस्या आने लगी। जब हम एमडीएम पहुंचे तो वह मृत अवस्था में थी। उन्होंने बताया- ऐसी आशंका है मरीज के कम चलने-फिरने और पानी कम पीने की वजह से ऐसा होता है। खून का थक्का जमने की वजह से उसका असर हार्ट या ब्रेन में आ जाता है, इसलिए हमने उसका पोस्टमॉर्टम भी करवाया है। अभी दो मरीज वेंटीलेटर पर, दो उम्मेद अस्पताल में डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी दो मरीज महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट हैं। वे डायलिसिस पर हैं, जबकि दो प्रसूता उम्मेद हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर हैं। अभी उनकी हालत में सुधार है। उम्मेद अस्पताल में एक मरीज वेंटिलेटर पर है, उसे रविवार को दौरे आने पर रेफर किया गया था। इसी दौरान उसकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। 40 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी डॉ. बीएस जोधा ने बताया- प्रसूताओं में मौत के जो कारण सामने आए हैं, इनमें 40 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी पाई गई है। एंटीनेटल चेकअप में काफी गैप आ रहा है। एक बार डॉक्टर्स को दिखाने के बाद वे दोबारा चेकअप नहीं करवा रहे हैं। प्रसूताओं को लगता है कि उनमें आयरन-ब्लड की कमी नहीं है। वे अपना हीमोग्लोबिन-ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराती हैं। इससे उनका खून का स्तर बहुत कम हो जाता है। ………..
ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान- एक बीमारी के कारण हो रही प्रसूताओं की मौत:डॉक्टर बोले- अचानक हो जाती है खून की कमी; जानिए क्यों हो रही ये समस्या राजस्थान में सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की तबीयत खराब होने और मौत होने के मामले सामने लगातार सामने आ रहे है। वहीं कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद लगातार खून में कमी हो रही है और उसका असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें) जोधपुर में 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत:एक महिला की डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली; दूसरी 20 दिन से थी एडमिट कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी प्रसूताओं की मौत हुई। जोधपुर में दो प्रसूताओं की मौत हो गई थी। (पूरी खबर पढ़ें) उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)