जोधपुर का कायलाना लेक अब नाइट टूरिज्म का नया आकर्षण बनने जा रहा है। यहां 11.24 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक पिकनिक स्पॉट विकसित किया जाएगा, जहां लेजर शो के जरिए मारवाड़ के गौरवशाली इतिहास को नई तकनीक से दर्शाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से न केवल पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा, बल्कि शहर के पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कायलाना लेक अब रात में भी पर्यटकों का सबसे बड़ा केंद्र बनेगी। जेडीए ने 11.24 करोड़ की लागत से यहां वॉटर प्रोजेक्शन, फाउंटेन और लेजर शो तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने पर पर्यटकों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। ये कुल चार चरणों में होगा। 52.19 मील लंबी है कायलाना झील कायलाना झील 84 वर्ग मीटर यानी 52.19 मील लंबी है। जोधपुर शहर के पश्चिम में स्टेशन से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इसकी गहराई 35 से 40 फीट है। जब जल स्तर बढ़ जाता है तो यहां का लेवल 45 से 50 फिट हो जाता है। यहां बया विवर बर्डस काफी संख्या में आती है। शीतकाल में पेलिकन बर्डस भी यहां देखे जाते है। कायलाना झील का इतिहास: महलों और बगीचों को ध्वस्त कर बनाई झील 1892 में सर प्रताप ने पूर्व शासक भीम सिंह और तख्त सिंह द्वारा निर्मित महल व बगीचों को ध्वस्त कर यह झील बनवाई थी। उन्होंने अपने देखरेख में स्वंय के निजी रुपयों से इसका निर्माण करवाया। उस समय 65 हजार रुपए खर्च हुए। बारिश के पानी को इकट्‌ठा करने के लिए बनाई इस झील के निर्माण के लिए फंड कम पड़ गया था। ऐसे में सर प्रताप ने अपनी महारानी के गहने बेचकर पैसे जुटाए थे। सर प्रताप को आधुनिक जोधपुर का निर्माता भी कहा जाता है। अपने शासन काल में उन्होंने जोधपुर की प्यास बुझाने के लिए इस कृत्रिम झील का निर्माण करवाया था।