जोधपुर में नकली किताबों का अवैध कारोबार करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। जालोरी गेट इलाके में पुलिस और राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की संयुक्त टीम ने रविवार शाम को कार्रवाई की। टीम ने बाईजी का तालाब रोड पर स्थित कमल प्रकाशन पर दबिश देकर एनसीईआरटी (NCERT) और राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल की कक्षा 3 से 11 तक की 337 नकली किताबें बरामद की। पुलिस ने मौके से दुकान संचालक वीरेंद्र गट्टानी (50) पुत्र नंदकिशोर गट्टानी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। आरोपी मूल रूप से लोहियों की पोल पूंगलपाड़ा का निवासी है और वर्तमान में कायलाना चौराहा स्थित फ्लैट नंबर 804 सिद्धार्थ एवेन्यू में रहता है। जयपुर से पहुंची टीम की सूचना पर कार्रवाई सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी ने बताया- राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल जयपुर की विशेष जांच 19 अप्रैल की शाम टीम सरदारपुरा थाने पहुंची। दल में सहायक सचिव (टिकट शाखा) राजू कुमार, सहायक सचिव (उत्पादन शाखा) उमेश शर्मा, सहायक लेखाधिकारी-द्वितीय कमल चंद सैनी, वरिष्ठ सहायक गणेश बैरवा और कनिष्ठ सहायक विक्रम सिंह गुर्जर शामिल थे। टीम ने पुलिस को लिखित सूचना दी कि कमल प्रकाशन में भारी मात्रा में नकली पाठ्यपुस्तकें बेची जा रही हैं। इस सूचना पर सरदारपुरा थाने के एसआई दीपलाल के नेतृत्व में हैड कॉन्स्टेबल बजरंग और कॉन्स्टेबल मोतीलाल की पुलिस टीम मंडल के दल के साथ इस दुकान पर पहुंची। छानबीन में मिली 337 नकली किताबें, जब्त पुलिस और जांच टीम ने राज रणछोड़ राय के मंदिर के पीछे स्थित कमल प्रकाशन की दुकान-गोदाम पर दबिश दी। तलाशी के दौरान दुकान में मौजूद किताबें प्रथम दृष्टया नकली पाई गईं। दुकान संचालक वीरेंद्र गट्टानी इन किताबों का कोई भी वैध बिल या वेंडर रसीद पेश नहीं कर सका। पुलिस ने मौके से राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल की 140 और NCERT की 197 सहित कुल 337 नकली किताबें जब्त कीं। स्टूडेंट्स और सरकार के साथ कर रहे धोखाधड़ी पुलिस ने स्टूडेंट्स और सरकार के साथ आर्थिक धोखाधड़ी कर सस्ते कागज पर छपी नकली किताबें बेचने के आरोप में दुकानदार वीरेंद्र गट्टानी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफधोखाधड़ी और कॉपीराइट अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी स्वयं कर रहे हैं।