जोधपुर में देवनगर थाना पुलिस ने राज्य स्तरीय 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी तोड़कर फरार हुए हिस्ट्रीशीटर को पीछा कर दबोच लिया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी स्कॉर्पियो को तेज गति से दौड़ाया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी 12 मामलों में वांटेड था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी हनुमान विश्नोई (32) पुत्र चुतराराम निवासी जाजीवाल धोरा, बनाड़ लंबे समय से भीलवाड़ा और जोधपुर पूर्व जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और लूट के प्रकरणों में फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर भीलवाड़ा पुलिस को सौंप दिया है। दरअसल, गुरुवार को डीजीपी के आदेश पर शाम 7 से रात 10 बजे तक राज्य स्तरीय 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी की जा रही थी। जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरत कविराज और डीसीपी (पश्चिम) कमल शेखावत के निर्देशानुसार व एसीपी (प्रतापनगर) रविन्द्र कुमार बोथरा के सुपरविजन में देवनगर थानाधिकारी सोमकरण की टीम चौपासनी रोड पर लाल पुलिया के पास गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। स्कॉर्पियो भगाई, पुलिस ने पीछा कर दबोचा नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक काले रंग की स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया। लेकिन, ड्राइवर ने रुकने की बजाय नाकाबंदी तोड़कर गाड़ी भगाने का प्रयास किया। इस पर थानाधिकारी सोमकरण और उनकी टीम ने पीछा किया और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम हनुमान विश्नोई (32) पुत्र चुतराराम निवासी जाजीवाल धोरा, बनाड़ बताया। राजकॉप ऐप से खुला राज: 12 मुकदमे हैं दर्ज पुलिस ने जब मौके पर ही 'राजकॉप ऐप' पर आरोपी का फोटो मिलान कर आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो वह बनाड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर निकला। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, आर्म्स एक्ट, जालसाजी, नकबजनी और मारपीट के कुल 12 प्रकरण दर्ज पाए गए। भीलवाड़ा और डांगियावास पुलिस को थी तलाश गहनता से पड़ताल करने पर सामने आया कि हनुमान विश्नोई भीलवाड़ा जिले के फूलिया कलां थाने में दर्ज एनडीपीएस और लूट के मामलों में लंबे समय से वांटेड चल रहा था। इसके अलावा, वह जोधपुर पूर्व के डांगियावास थाने में भी एनडीपीएस प्रकरण के एक गिरफ्तारी वारंट में फरार था। मौके पर आरोपी द्वारा शांति भंग कर कोई संज्ञेय अपराध करने का पूर्ण अंदेशा होने पर पुलिस ने उसे प्रिवेंटिव सेक्शन के तहत गिरफ्तार कर लिया और उसकी स्कॉर्पियो जब्त कर ली। इसके बाद आरोपी को जोधपुर कमिश्नरेट के कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पाबंद करवाया गया। फिर अग्रिम कार्रवाई के लिए भीलवाड़ा पुलिस टीम को सौंप दिया गया। पुलिस कार्रवाई थानाधिकारी के साथ एएसआई हीरालाल, हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुमार, कॉन्स्टेबल बलवीर सिंह, विनोद कुमार, शिवनारायण और भीमदान भी शामिल रहे।