जोधपुर के प्रताप नगर सदर क्षेत्र की जगदंबा कॉलोनी में मंगलवार रात कार्यस्थल पर हुए विवाद में एक कमठा ठेकेदार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद थाने के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इन्हीं में शामिल शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने डंडे लगाकर भीड़ को खदेड़ दिया। वहीं, हत्या के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। काम के दौरान हुआ था झगड़ा, अस्पताल में मौत प्रतापनगर सदर थानाधिकारी गोविंद व्यास ने बताया कि जगदंबा कॉलोनी निवासी सिकन्दर (45) पुत्र अब्दूल रहमान कमठा ठेकेदारी का काम करता था। इन दिनों वह जगदंबा कॉलोनी के आसपास ही काम करवा रहा था। यहां रात करीब 10 बजे उसकी साइट पर जितेंद्र सरगरा उर्फ जीतू सरगरा और मुन्ना सरगरा पहुंचे और सिकंदर के साथ झगड़ा करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने सिकंदर पर चाकू से हमला कर दिया गया। इससे सिकंदर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे बाद में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां कुछ देर बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कॉन्स्टेबल की तत्परता से पहले एक, फिर देर रात दूसरे को दबोचा प्रतापनगर सदर थाने के कॉन्स्टेबल अनोपाराम को घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने थानाधिकारी को सूचित कराया। कुछ ही देर में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी जितेंद्र सरगरा को पकड़ लिया। थानाधिकारी व्यास ने बताया कि शव को अग्रिम कार्रवाई के लिए एमजीएच की मोर्च्यूरी में रखवाया गया है, जहां बुधवार को पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। मामले में देर रात तक पीड़ित परिजनों की तरफ से रिपोर्ट दी गई है। वहीं, पुलिस की टीमें दूसरे हमलावर मुन्ना की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही और आखिरकार उसे भी पकड़ लिया। आधी रात को थाने पर जुटी भीड़, अतिरिक्त जाब्ता तैनात चाकूबाजी में घायल युवक की मौत के बाद देर रात प्रतापनगर सदर पुलिस थाने के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति को देखते हुए डंडे लगाकर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया। स्थिति को देखते हुए एसीपी (प्रताप नगर) रविंद्र बोथरा, एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा और देवनगर थानाधिकारी सोमकरण सहित अन्य टीमें भी देर रात तक थाने पर मौजूद रहीं। इनके अलावा यहां अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इसके बाद देर रात करीब एक बजे डीसीपी (वेस्ट) कमल शेखावत भी थाने पर पहुंची। यहां से वे एसीपी बोथरा के साथ मौका देखने भी पहुंची। इसके बाद उन्होंने पुलिस टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। भाई ने बताया विवाद का कारण: निगम की कार्रवाई से रुका था काम ठेकेदार सिकंदर के भाई मुन्ना ने बताया कि उन्होंने आरोपी जीतू से 'लेबर रेट' पर निर्माण कार्य लिया था। काम के दौरान नगर निगम की टीम बार-बार आकर काम रुकवा रही थी, जिससे उन्हें मजदूरों की दिहाड़ी का आर्थिक नुकसान हो रहा था। सिकंदर के एतराज जताने पर जीतू ने तीन-चार दिन में निगम से अनुमति लाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आजीविका चलाने के लिए सिकंदर ने दूसरी जगह काम शुरू कर दिया। मृतक के भाई का आरोप है कि इसी बात से खफा होकर किशन उर्फ मुन्ना सरगरा और जीतू सरगरा ने उन्हें फोन पर गालियां दीं और चाकू मारने की धमकियां दीं। रात करीब 8:30 बजे दोनों आरोपी अचानक उनके नए कार्यस्थल पर पहुंच गए। वहां आते ही उन्होंने धक्का-मुक्की शुरू कर दी, जिसमें किशन उर्फ मुन्ना सरगरा ने सिकंदर को पकड़ लिया और जीतू ने उस पर चाकू से वार कर दिया। बीच-बचाव करने आए मृतक के भाई के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।