उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने पिछले एक साल यात्री परिवहन और राजस्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। बेहतर संचालन, डिजिटल टिकटिंग और यात्री सुविधाओं के विस्तार का असर सीधे तौर पर आंकड़ों में दिखाई दिया है। मंडल में कुल यात्री संख्या 343.36 लाख से बढ़कर 371.24 लाख तक पहुंच गई है, जो लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यह बढ़ोतरी न केवल यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है,बल्कि रेलवे सेवाओं की पहुंच और सुविधा में सुधार का भी संकेत है। आय में 10 फीसदी बढ़ोतरी जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि वित्तीय प्रदर्शन में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। मंडल की कुल सकल आय 2436.04 करोड़ रुपए से बढ़कर 2667.56 करोड़ रुपये तक पहुंच गई करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं यात्री आय 813.81 करोड़ रुपए से बढ़कर 944.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई,जो करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि विविध आय स्रोतों में मिश्रित प्रदर्शन रहा,जिसमें पार्किंग और कुछ अन्य सेवाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई,जबकि खानपान क्षेत्र में मामूली गिरावट देखी गई। इसके बावजूद पार्सल और माल ढुलाई गतिविधियों ने कुल राजस्व को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि बेहतर यात्री प्रबंधन,डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के विस्तार,ट्रेनों के कुशल संचालन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मंडल ने आने वाले समय में यात्री सुविधाओं के और विस्तार,सेवा गुणवत्ता सुधार और राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता देने का लक्ष्य तय किया है। ठेकेदार पर जुर्माना, स्टाफ भी हटाया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से पे एंड यूज़ शौचालय के उपयोग के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली का मामला सामने आने पर रेलवे प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। शिकायत मिलते ही की गई जांच में पाया गया कि ठेकेदार द्वारा यूरिनल उपयोग के लिए पांच रुपये की वसूली की जा रही थी,जो निर्धारित नियमों के विपरीत है। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया तथा जिम्मेदार स्टाफ को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया। रेलवे ने स्पष्ट किया कि स्टेशन परिसर में यात्रियों से किसी भी प्रकार की अनियमित या अवैध वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि यह कार्रवाई रेल मदद प्रणाली के माध्यम से मिली शिकायत के आधार पर की गई। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुविधाओं और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। रेलवे प्रशासन ने दोहराया कि भविष्य में ऐसी किसी भी शिकायत पर और अधिक तेज व कठोर कार्रवाई की जाएगी। 21 शिकायतों का तत्काल निस्तारण इसी क्रम में 26 अप्रैल को रेल मदद के तहत दर्ज कुल 21 शिकायतों का निस्तारण भी किया गया। इनमें 12 शिकायतें सुरक्षा एवं विविध श्रेणी से संबंधित थीं,जबकि 8 मामलों में यात्रियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, जिसमें दवाइयां, सेनेटरी पैड और पेयजल शामिल रहा।