जोधपुर शहर के श्रीराम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा राजपूत समाज के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने के विरोध में अब समाज ने लामबंद होने का निर्णय लिया है। 4 मई को राजपूत समाज की ओर से जिला प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय संगठन सचिव और प्रवक्ता उमराव सिंह जोधा ने कहा- अस्पताल प्रशासन ने महिला की मौत के मामले को दबाने के लिए समाज के लोगों पर झूठे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। हमारे संगठन के लोगों ने किसी को जातिसूचक गालियां नहीं दीं। समाज मानहानि की कार्रवाई करेगा उमराव सिंह जोधा ने कहा- अस्पताल प्रशासन पैसे लूटने का जो आरोप लगा रहा है, वह पूरी तरह निराधार है। यदि उनके पास लूट का कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक करें। अन्यथा, समाज मानहानि की कार्रवाई करेगा। उमराव सिंह ने अस्पताल प्रबंधन को चुनौती देते हुए कहा- यदि अस्पताल के पास तोड़फोड़ के वीडियो हैं, तो वे कथित लूट की घटना का वीडियो भी जारी करें। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज एक सभ्य समाज है। उसे बदनाम करने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। 4 मई को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मृतका कंचन कंवर के इलाज में हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। परिजनों का आरोप है कि श्रीराम हॉस्पिटल प्रशासन ने न केवल इलाज में भारी लापरवाही बरती, बल्कि उम्मेद हॉस्पिटल से जुड़े उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों (Documents) को भी गायब कर दिया, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा था कि कंचन कंवर का ऑपरेशन करना जानलेवा हो सकता है। परिजनों का दावा है कि इसके बावजूद श्रीराम हॉस्पिटल ने इलाज की पूरी गारंटी ली थी, लेकिन अंततः उनकी मौत हो गई। क्या है पूरा मामला? बता दें कि 26 अप्रैल को इलाज के दौरान देवलिया निवासी कंचन कंवर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन और राजपूत समाज के लोग धरने पर बैठ गए थे। 28 अप्रैल को धरना स्थल पर मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की। इस हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से समाज के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था, जिसे अब समाज ने 'झूठा' करार दिया है।