जोधपुर में वर्ल्ड स्ट्रॉक डे पर मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया- इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण ब्लड प्रेशर और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल के साथ डायबिटीज है। इस बीमारी में हाथ-पैर में कमजोरी आ जाती है और वे सुन्न होने लगते हैं। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेजज और एमडीएम हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से गुरुवार को हुई वर्कशॉप में स्ट्रॉक के लक्षण, समय पर इलाज और बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया- मरीजों के लिए थ्रोम्बोलाइसिस और डीएसए लैब के माध्यम से मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी जैसा ट्रीटमेंट निशुल्क है। एक्सपर्ट ने बताया- क्या है बीमारी के लक्षण एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीनू चौधरी ने बताया- चेहरे का अचानक टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी और बोलने में परेशानी स्ट्रॉक के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया- स्ट्रॉक का इलाज समय पर नहीं होने पर ये ज्यादा परेशानी करने लगता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप ललवानी ने बताया- इसके लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज को कंट्रोल रखें। साथ ही तंबाकू प्रोडक्ट का यूज यदि कम किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। एमडीएम हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया- किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर इसका जल्दी इलाज लिया जाए, ताकि ये बीमारी गंभीर न हो। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज ​प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा, न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. शुभकरण खीचड़ आदि मौजूद रहे।