जोधपुर से अलवर दो दोस्तों के साथ आए व्यक्ति का जंक्शन के बाहर सोमवार को अपहरण हो गया था। पुलिस ने करीब साढ़े 3 घंटे की मशक्कत के बाद 55 किलोमीटर दूर बॉर्डर के आसपास से 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक कार बरामद की है। बदमाशों ने फिरौती के 5 लाख रुपए मांगे थे। मारपीट कर पीड़ित व्यक्ति से ऑनलाइन 60 हजार रुपए ले लिए थे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस बदमाशेां तक पहुंची। इस मामले का अलवर पुलिस ने मंगलवार शाम को खुलासा किया। जोधपुर निवासी उम्मेद सिंह अपने दो दोस्तों के साथ अलवर घूमने आया था। जैसे ही तीनों दोस्त रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, तभी बदमाशों ने उम्मेद सिंह को जबरन थार गाड़ी में डाल लिया और हरियाणा की तरफ फरार हो गए। अपहरणकर्ताओं ने युवक के परिजनों को फोन कर पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी। डर के चलते परिजनों ने पहले 60 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। फिरौती की रकम जिस अकाउंट में डाली, उससे बदमाशों तक पुलिस पहुंची पुलिस उपाधीक्षक शहर अंगद शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई और तकनीकी सहायता से उस बैंक खाते तक पहुंच बनाई गई। इसमें फिरौती की रकम डाली गई थी। पुलिस ने खाताधारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो बड़े गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि यह गैंग पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुकी थी। पुलिस के पीछे होने का पता चलने पर बदमाश थार की बजाय क्रेटा कार में सवार हो गए, लेकिन पुलिस ने पीछा नहीं छोड़ा। आखिरकार भिवाड़ी-हरियाणा बॉर्डर के पास नूंह क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने साहिद उर्फ जाहुल, नौफिल और नौसाद को गिरफ्तार कर उनसे एक कार जब्त की है। वहीं मुख्य आरोपी आवेद सहित दो अन्य बदमाश फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। अपहरण से मुक्त हुए उम्मेद सिंह ने बताया- बदमाश लगातार मारपीट कर रहे थे और धमकी दे रहे थे कि पैसे नहीं मंगवाए तो जान से खत्म कर देंगे। करीब तीन घंटे तक उसे हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया।