जोधपुर में एक बार फिर से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद हॉस्पिटल में दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती करवाया गया है। इनमें 3 प्रसूता आईसीयू में है और एक वेंटिलेटर पर। वहीं जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में प्रसूता और दूसरी महिला के नाम सहित उनके पति का नाम भी एक समान होने के कारण गलत खून चढ़ा दिया गया था। इससे प्रसूता धापू भील (24) की तबीयत खराब हो गई थी। धापू को गलत ब्लड की वजह से यूरीन आना बंद हो गया था और उसकी किडनी पर इफेक्ट हुआ था। महिला का डायलिसिस चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को शुक्रवार को सौंपी गई रिपोर्ट में यह माना गया है कि बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया। महिला का ब्लड बी पॉजिटिव ग्रुप था, वह बेहोशी की हालत में थी। ऐसे में जब नाम पुकारा गया तो ये गफलत हुई। हालांकि 24 घंटे में दी इस​ रिपोर्ट को प्रिंसिपल ने अधूरा माना, क्योंकि इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगें हैं। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इसमें रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टे​क्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। इन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। अधीक्षक बोले सभी रेफर होकर आई है वहीं प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉक्टर मोहन मकवाना ने बताया कि पांचों प्रसूता रेफर होकर आई थी। इनमें से किसी की भी तबीयत उम्मेद हॉस्पिटल में नहीं बिगड़ी थी। एक अभी वेंटिलेटर पर है। बाकी 3 आईसीयू में एडमिट है। प्रसूता को 11 जुलाई को किया रेफर, 12 को चढ़ाया गलत खून जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील की 11 जुलाई को बावड़ी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते धापू को 11 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया था। प्रसूता की सास पप्पू देवी ने बताया- 11 जुलाई को O पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद 12 जुलाई की रात दोबारा जो ब्लड चढ़ाया, वो गलत था। ब्लड चढ़ाते ही धापू को कंपकंपी छूटने लगी। साथ की यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। हालांकि अभी प्रसूता का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू में चल रहा है। साथ ही उसे लगातार डायलासिस किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद बनाई थी जांच कमेटी इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। उन्होंने बताया- इस टीम की ओर से मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी गई थी, लेकिन कुछ ​कमियां हैं, जिसे पूरी कर दोबारा रिपोर्ट सौंपी जाएगी। सैंपल लेने वाले-ब्लड देने वालों की गलती प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- मामले में जो रिपोर्ट मिली है, उनमें नाम नहीं थे। सैंपल कलेक्शन करने वाले, ​उसे रिलीज करने वाले और ब्लड देने वालों की इसमें गलती रही है। मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ तक पर एक्शन होगा। रिपोर्ट में इनके नाम नहीं थे। किन-किन लोगों ने लापरवाही बरती है, उन सभी के नाम मांगें गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया- महिला के बैज लगाते हैं, लेकिन एक जैसे नाम होने की स्थिति में ज्यादा सावधानी बरतते हुए इसे क्रॉस चैक करना था, जो नहीं किया गया। यूरिन आना बंद हो गया था महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट फतेह सिंह ने बताया- गलत ब्लड की वजह से यूरीन आना बंद हो गया था और उसकी किडनी पर इफेक्ट हुआ। महिला का लगातार डायलिसिस चल रहा है और हालत में सुधार है। वहीं परिजनों ने बताया था- गलत खून चढ़ाने की वजह से यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)