जोधपुर में सातवीं जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता और राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का शनिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में जिलेभर से करीब 300 खिलाड़ियों ने अलग-अलग उम्र की कैटेगरी में भाग लिया। अपनी योगासन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का आयोजन योगासन जोधपुर की तरफ से किया जा रहा है। दो दिन चलने वाली इस जिलास्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों के बीच मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। इसका कल समापन होगा। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने संतुलन, लचीलापन और कठिन योगासन का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में विश्व एवं एशियन योगासन चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ी अर्जुन परिहार, ऋतिक बिश्नोई, आर्यांशी स्वामी, लेखिका चौधरी, अंजलि बिश्नोई,उज्जवल, प्रेम सिंह राजपुरोहित आदि की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र रही। योग स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन का प्रतीक प्रतियोगिता का शुभारंभ राजस्थान सरकार के खेल एवं उद्योग राज्यमंत्री के.के. विश्नोई, भाजपा जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष श्री राजेंद्र पालीवाल और ‘योगा दादी’ के नाम से प्रसिद्ध रूपा देवी बिश्नोई ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर के.के. विश्नोई ने कहा कि योगासन केवल एक खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास और समर्पण के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। योग करने की नहीं होती कोई उम्र योगासन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वरुण धनाडिया ने कहा कि युवाओं में योग के प्रति बढ़ता रुझान समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्व में पहचान दिलाई। सचिव गजराज राज सिंह ने बताया कि योग के लिए कोई आयु नहीं होती। योगा दादी रूपा देवी बिश्नोई 70 की उम्र में योग करती हैं। प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं में करीब 50 करीब कार्यकर्ता लगे हुए हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक, अभिभावक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।