करौली शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अमृत योजना के तहत व्यापक कार्य जारी है। लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे इस कार्य का उद्देश्य नई कॉलोनियों तक पानी पहुंचाना और पुरानी, जर्जर पाइपलाइनों को बदलना है। इससे भविष्य में शहरवासियों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करौली के अधिशासी अभियंता विजय कुमार मीणा ने बताया कि अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल सुधार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें नव विकसित आवासीय कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ पुराने शहर की क्षतिग्रस्त जीआई पाइपलाइनों को बदलने का काम भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत कुल 31 नलकूपों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से लगभग एक दर्जन नलकूपों का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त शहर में लगभग 100 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे वितरण नेटवर्क मजबूत होगा। शिकारगंज क्षेत्र में 12 लाख 50 हजार लीटर क्षमता वाला एक उच्च जलाशय निर्माणाधीन है। यह जलाशय करौली का सबसे बड़ा जलाशय होगा और इसके पूरा होने पर शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के पूर्ण होने के बाद गर्मियों में होने वाली जल किल्लत से शहरवासियों को काफी हद तक राहत मिलेगी और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।