करौली में भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन में कथित बाधाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता निमिषा गौर ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को समय पर आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। करौली स्थित भाजपा कार्यालय में हुई इस प्रेस वार्ता में निमिषा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार दशकों से कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिला आरक्षण को अटकाने और टालने का काम करते रहे हैं। गौर ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान संशोधन, परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश कानून से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की शर्त से अलग करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को 2029 के आम चुनावों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान जनसंख्या को देखते हुए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार सीटों में समानुपातिक वृद्धि से सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व संतुलित रहेगा और किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के आरक्षण में भी वृद्धि होगी। निमिषा गौर ने बताया कि परिसीमन एक व्यापक और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसलिए, महिलाओं को उनके अधिकार समय पर दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस प्रेस वार्ता में इंदु जाटव और दर्शन सिंह गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।