करौली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत छह पीड़ितों को कुल 15.50 लाख रुपए की प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई। वहीं, नि:शुल्क विधिक सहायता के आठ आवेदनों को मंजूरी देते हुए पात्र आवेदकों के लिए पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने भी लंबित मामलों और आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की। छह मामलों पर हुआ निर्णय बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुणकुमार बेरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना से जुड़े छह प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीणा ने बताया कि समिति ने सभी मामलों का परीक्षण करने के बाद पीड़ितों के लिए कुल 15 लाख 50 हजार रुपए की प्रतिकर राशि स्वीकृत की। आठ आवेदकों को मिलेगी नि:शुल्क विधिक सहायता बैठक में नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए प्राप्त आठ आवेदनों पर भी चर्चा हुई। सभी पात्र आवेदनों को स्वीकार करते हुए संबंधित मामलों में पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति का निर्णय लिया गया, ताकि जरूरतमंदों को न्यायिक प्रक्रिया में कानूनी सहायता मिल सके। पैनल अधिवक्ताओं की दूसरी किश्त भी स्वीकृत समिति ने ऐसे तीन मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें पूर्व में नि:शुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता नियुक्त किए गए थे और संबंधित प्रकरणों का निस्तारण हो चुका था। इन मामलों में पैनल अधिवक्ताओं को द्वितीय किश्त का भुगतान स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया। अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की भी हुई बैठक प्राधिकरण की बैठक के बाद जिले के लिए गठित अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें लंबित मामलों और आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। ये रहे मौजूद बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अश्विनी कुमार यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता भारद्वाज, जिला कारागार के उपाधीक्षक रामकिशन मीणा, बार संघ अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह, राजकीय अधिवक्ता रितेश सारस्वत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।