करौली जेल में एक विचाराधीन बंदी की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बंदी को जिला जेल से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान धौलपुर जिले के कालीतीर सोने का गुर्जा निवासी कलुआ गुर्जर पुत्र दूल्हे राम के रूप में हुई है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार कलुआ गुर्जर मासलपुर थाने में वर्ष 1997 के लूट और राजकार्य में बाधा के एक मामले में विचाराधीन बंदी था। उसे 20 फरवरी 2026 को करौली जिला कारागृह लाया गया था। बुधवार शाम करीब चार बजे जेल में उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जेल चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद उसे तत्काल पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने बताया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, हालांकि उन्होंने प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही करौली डीएसपी अनुज शुभम, करौली थाना प्रभारी नोबेल सैनी और मासलपुर थाना प्रभारी परमजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर मृतक के परिजनों को सूचित किया। डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि बंदी की तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने तुरंत चिकित्सकीय जांच कराकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना न्यायिक मजिस्ट्रेट को दी गई, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में गठित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। मृतक के भतीजे भूपेंद्र ने बताया कि तीन-चार दिन पहले जब परिजन जेल में उनसे मिलने आए थे, तब कलुआ की तबीयत ठीक थी। भूपेंद्र ने यह भी बताया कि जगन डकैत उनके दूर के रिश्तेदार थे।