करौली में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से रेप के एक मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता को राज्य सरकार की पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने श्रीमहावीरजी थाना क्षेत्र के निवासी आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों, दस्तावेजी साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट को विश्वसनीय मानते हुए यह फैसला सुनाया। पीड़िता की मां ने दी थी रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि घटना के दिन आरोपी बाइक से उनके घर पहुंचा और 14 साल की बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी उसे भरतपुर, मथुरा और गोवर्धन सहित कई स्थानों पर ले गया और कई दिनों तक अपने साथ रखा। बाद में वह बालिका को भरतपुर होते हुए दिल्ली ले गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तलाश अभियान चलाकर नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। पीड़िता के बयान, चिकित्सीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पूरी की गई। अनुसंधान के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। 25 गवाहों के बयान हुए विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान और 28 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। डीएनए रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने भी आरोपी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि की। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।