करौली जिला मुख्यालय सहित अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को मानसून सक्रिय रहा। रुक-रुक कर हुई रिमझिम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। वहीं, किसानों की फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हुई। सुबह से ही जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बनाए रखा। इस बारिश का खरीफ फसलों पर सकारात्मक असर देखने को मिला, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून की सक्रियता बनी रहने से फसलों को पर्याप्त लाभ मिलेगा। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में करौली में सर्वाधिक 22 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि मंडरायल में सबसे कम 2 मिमी बारिश हुई। चालू मानसून सत्र में अब तक श्रीमहावीरजी में सर्वाधिक 201 मिमी और करौली में 194 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कालीसिल बांध क्षेत्र में सबसे कम 24 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जिले का वार्षिक औसत वर्षा आंकड़ा 686 मिमी है। हालांकि, अब तक कम बारिश के कारण जिले के अधिकांश बांधों में पानी की आवक नगण्य बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मानसून के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है। यदि अच्छी बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने के साथ कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी।