करौली की एनडीपीएस अदालत ने 2022 के स्मैक जब्ती मामले में अतर सिंह उर्फ अतरा और मनोज को दोषी ठहराया। दोनों को 8-8 साल के कठोर कारावास और 80-80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। विशिष्ट न्यायाधीश स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम प्रकरण, करौली के न्यायाधीश अरुण कुमार बेरीवाल ने फैसला सुनाया। सरकारी अधिवक्ता रीतेश सारस्वत ने बताया कि 22 जनवरी 2022 को कोतवाली थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल गश्त पर थे। उन्होंने ट्रक यूनियन से आगे शिव कॉलोनी जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई की थी। इस दौरान अतर सिंह उर्फ अतरा से 25 ग्राम और मनोज से 7 ग्राम स्मैक मिली थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 12 गवाह पेश किए और 43 दस्तावेज पेश किए। अदालत ने इन्हीं के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया। अतर सिंह उर्फ अतरा रुग्गापुरा, थाना सदर करौली का निवासी है। मनोज गणेश नगर, तीन बड़, करौली का रहने वाला है।