करौली में राजस्थान नर्सेज एवं पैरामेडिकल संयुक्त संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर के माध्यम से चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने अपनी विभिन्न मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि जब तक उनकी तीन प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक राज्यभर में आंदोलन और धरना जारी रहेगा। संघर्ष समिति ने ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि दिवंगत दीपक को न्याय दिलाने के लिए उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। दूसरी मांग में हटाए गए सभी संविदा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल बहाल करने की बात कही गई है। तीसरी मांग के अनुसार स्थायी भर्ती पूर्व की व्यवस्था के अनुसार 10-20-30 मेरिट एवं बोनस अंक प्रणाली के आधार पर की जाए। समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि राजस्थान के सभी जिलों में यह आंदोलन जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल के गेट नंबर-3 पर चल रहे धरने को स्थायी कर्मचारियों और संयुक्त संघर्ष समिति का समर्थन मिल रहा है। समिति ने दोहराया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती। समिति ने आरोप लगाया कि सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान करने की अपील की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि उनकी मांगों से चिकित्सा मंत्री को अवगत कराया जाए, ताकि इस संबंध में जल्द उचित कार्रवाई हो सके।