करौली में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन सवा करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन 46 नलकूपों से केवल 76 लाख लीटर पानी ही मिल पा रहा है। इस प्रकार शहर में रोजाना लगभग 50 लाख लीटर पानी की कमी बनी हुई है। पानी की इस भारी कमी के कारण शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति बाधित हो गई है। अनाज मंडी, सायनाथ खिड़किया अंदर क्षेत्र, भूडारा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी और वजीरपुर गेट जैसे क्षेत्रों में पिछले दो-तीन दिनों से पानी की आपूर्ति प्रभावित है। 'नलों में कम समय के लिए आता है पानी' स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों में बहुत कम समय के लिए पानी आता है, जिससे दैनिक आवश्यकताएं पूरी करना मुश्किल हो गया है। पेयजल की किल्लत के चलते लोगों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। 2 दिन पहले कलेक्टर ने लिया जा था जायजा उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले जिला कलेक्टर ने शहर का दौरा कर जलापूर्ति तंत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, इन निर्देशों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।