करौली जिला मुख्यालय पर भीषण गर्मी और पेयजल संकट ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बग्गी खाना सहित कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद इसका समाधान नहीं हो रहा। जिला मुख्यालय पर इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप के कारण दिन में लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासनिक और विभागीय अनदेखी और लापरवाही ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और खराब कर दिया है। बग्गी खाना क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उनके इलाके में वर्षों से पानी की समस्या है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार विभाग ने कोई ठोस समाधान नहीं किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी के बिल तो नियमित रूप से भेजे जाते हैं, लेकिन कई घरों तक पानी नहीं पहुंचता। जहां पानी आता भी है, वहां आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है। आरोप है कि केवल 10 से 15 मिनट तक ही पानी की सप्लाई की जाती है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। महिलाओं ने बताया कि उन्हें 150-200 मीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे भीषण गर्मी में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर की पानी की जरूरत पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने हाल ही में जलदाय विभाग के पंप हाउस और पाइपलाइन का निरीक्षण कर आपूर्ति सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। जिला मुख्यालय के कुछ इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई की जा रही है, लेकिन बग्गी खाना क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि उनके यहां न तो पेयजल आपूर्ति सुचारू है और न ही टैंकर से पानी मिल रहा है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गर्जना के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पिछले दो दिनों से दोपहर बाद हल्के बादल छाने से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन धूप निकलते ही गर्मी फिर से अपना असर दिखाने लगती है।