करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक आंदोलन में बदल गया है। नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी किसानों ने कई स्थानों पर जाम लगा दिए हैं। करौली और सवाई माधोपुर जिलों के कई रास्तों पर 40 घंटे से ज्यादा समय से ट्रैफिक जाम है। किसानों ने करौली-धौलपुर नेशनल हाईवे-23 पर सलेमपुर, कुड़गांव, मांच और कोंडर मोड़, करौली-गंगापुर स्टेट हाईवे पर कटकड़ गांव, गुडला गांव, करौली-मंडरायल रोड पर ससेडी मोड़ पर रास्ते बंद कर रखे हैं। जाम के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिंडौन-करौली और हिंडौन-गंगापुर सहित कई रूट पर बसों का संचालन रोक दिया है। प्राइवेट गाड़ियां, मालवाहक और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंसे हुए हैं। दूध और रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते कमांड एरिया तक पानी पहुंचने में देरी हुई। इससे नाराज किसानों ने कई रास्ते जाम कर दिए। प्रशासन के समझाने के बाद भी जाम खोलने को तैयार नहीं हैं। कुंसाय गांव में 30 से ज्यादा घंटों से धरना जारी
सवाई माधोपुर जिले में वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के कुंसाय गांव में पांचना नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के विरोध में 30 से ज्यादा घंटों से किसानों का धरना जारी है। किसानों ने हिंडौन-गंगापुर सिटी रोड पर झाड़ियां और लकड़ियां लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। हालात को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
किसान नेता रघुवीर पीलोदा ने कहा- नहर में पानी का बहाव बढ़ाया जाए, ताकि टेल क्षेत्र के किसानों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके। उन्होंने पांचना बांध के गेटों में तकनीकी खराबी होने पर उसे तुरंत ठीक कराने की बात कही। पीलोदा ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की, जिनकी लापरवाही के कारण नहर का पानी समय पर नहीं पहुंच सका। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना जारी रहेगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन नहरों तक पर्याप्त पानी अभी भी नहीं पहुंच रहा है। किसान नेताओं ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि भ्रामक टिप्पणियां कर किसानों या नेताओं को बदनाम करने और एक-दूसरे को भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। अभद्र भाषा के प्रयोग पर फूटा गुर्जर समाज का आक्रोश
इसी बीच करौली के गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में भी एक अलग विवाद ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से नाराज लोगों ने गुढ़ाचंद्रजी-सिकंदरा रोड पर मुहाना मोड़ के पास जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। मुहाना, राजाहेड़ा, भंवरवाड़ा, सन्देड़ा, राजकुवा और वास सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और सड़क पर झाड़ियां-पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर गुढ़ाचंद्रजी और नादौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की। लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की गिरफ्तारी और जिलेभर में लगे जाम खुलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। ये खबर भी पढ़ें पांचना बांध से 20 साल बाद छोड़ा गया पानी:74 गांवों के बीच चल रहा था विवाद, लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास करौली जिले के पांचना बांध से 20 साल बाद 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीरी नदी में पानी की निकासी शुरू की गई। इसके साथ ही बांध से जुड़ा पानी निकासी का 20 साल पुराना विवाद भी खत्म हो गया। इस दौरान गुडला पांचना लिफ्ट में भी पानी छोड़ने की शुरुआत की गई। (पूरी खबर पढ़ें)