बूंदी के करवर कस्बे में इंदरगढ़ रोड स्थित मंशापूर्ण महादेव मंदिर परिसर में क्षेत्रीय किसानों की बैठक हुई। इसमें फसल खराबे का लंबित आदान-अनुदान, खाद की किल्लत और लगातार बारिश से खरीफ फसलों को हो रहे नुकसान समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद किसानों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली और आंतरदा रोड स्थित उप तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। 12 महीने बाद भी नहीं मिला 17 हजार रुपए का अनुदान किसान महापंचायत केशवरायपाटन विधानसभा प्रभारी राजेंद्र नागर ने बताया कि पिछले सत्र 2025 में भारी बारिश से फसलें खराब होने के बाद सरकार ने करवर उप तहसील क्षेत्र को अभावग्रस्त घोषित किया था। इसके बावजूद 12 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि पर मिलने वाली आदान-अनुदान योजना की 17 हजार रुपए की राशि नहीं मिल पाई है। किसानों ने लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग की। 50-60 किमी दूर जाने के बाद भी नहीं मिल रही खाद नागर ने कहा कि सरकार ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन वितरण व्यवस्था शुरू की है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से किसानों को खाद के लिए 50 से 60 किलोमीटर तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने तत्काल खाद की सप्लाई बढ़ाने की मांग की। विक्रेताओं पर चहेतों को पहले सूचना देने का आरोप नागर के अनुसार, कुछ खाद विक्रेता जानबूझकर खाद नहीं मंगवा रहे हैं। जो खाद मंगवा भी रहे हैं, वे अपने चहेते किसानों को पहले इसकी जानकारी दे देते हैं। इससे चुनिंदा किसान ही ऑनलाइन बुकिंग करा पाते हैं और बाकी किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ता है। किसानों ने ऑनलाइन व्यवस्था में सुधार करने और खाद विक्रेताओं को खाद मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे मशीन पर चढ़ाने के लिए पाबंद करने की मांग की। बारिश से सोयाबीन और उड़द की फसल को नुकसान किसानों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश से खेतों में कटी पड़ी खरीफ फसल सोयाबीन और उड़द खराब हो रही है। खड़ी फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण दाने बदरंग हो गए हैं और कई जगह बीज अंकुरित होने लगे हैं। इससे किसानों को उत्पादन में कमी के साथ बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। गिरदावरी और सर्वे की मांग राजेंद्र नागर ने सरकार से क्षेत्र में तुरंत गिरदावरी और फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए इलाके को अभावग्रस्त घोषित किया जाए और किसानों को आदान-अनुदान योजना का लाभ दिया जाए। फसल बीमा का क्लेम दिलाने की मांग किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल को बचाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया हुआ है। इसके बावजूद असमय बारिश से खरीफ फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने बीमा कंपनी से तत्काल सर्वे कराकर पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम दिलाने की मांग की। एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर एक सप्ताह में अमल नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। साथ ही पंचायतराज चुनावों के विरोध की भी चेतावनी दी गई। इस दौरान किसान महापंचायत केशवरायपाटन विधानसभा प्रभारी राजेंद्र नागर, करवर प्रभारी हरिओम नागर, पूर्व सरपंच यशपाल मीणा, सेवानिवृत्त बृजमोहन मीणा, युवा किसान छीतर लाल सैनी, राजू लाल बैरवा, रघुवीर बलाई, रेखराज नागर, कृष्ण मुरारी गुर्जर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।