भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में सारस गणना की जा रही है। यह 43वीं सारस गणना है। सारस गणना 2 दिन तक चलेगी। टीमें नेशनल पार्क के अंदर अलग-अलग इलाकों में जाकर सारस की गणना करेंगी। इससे पता लगेगा कि पहले के मुकाबले सारस की संख्या में इजाफा हुआ है या कमी आई है। उसी के आधार पर सारस की संख्या बढ़ाने के लिए काम किए जाएंगे। सारस गणना से पहले हुए कार्यक्रम में गृह गोपालन पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री जवाहर सिंह भी शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद वह नेशनल पार्क घूमने के लिए गए। दो दिन तक गणना इस दौरान राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा कि पिछले 43 साल से की जा रही है। टीमें नेशनल पार्क के अंदर जाकर अलग-अलग जगह पर सारस गणना कर रहीं हैं। दो दिन तक टीमें सारस पक्षियों की मौजूदगी, उनके ठहराव और संख्या का आकलन करेंगी। नेशनल पार्क पक्षी प्रेमियों का आकर्षण का केंद्र राज्य मंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास पर्यावरण संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व धरोहर सूची में शामिल केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान देश-विदेश के पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। सारसों की गणना एवं संरक्षण से इस गौरव को बनाए रखने में मदद मिलती है। पहले दर्शक के रूप में आते थे राज्य मंत्री राज्य मंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वे छात्र जीवन में इस कार्यक्रम को दर्शक के रूप में देखने आते थे। आज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने सोसाइटी के सभी सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके लगातार प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।