राजकीय महाविद्यालय खैरथल में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को छात्राओं को आत्मरक्षा के पांच बुनियादी पंचों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें करीब 65 छात्राओं ने भाग लेकर विषम परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के तरीके सीखे। पुलिसकर्मियों ने कराया पंचों का अभ्यास कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेश गोठवाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता विकसित करना है। मुंडावर थाने की कॉन्स्टेबल पुष्पा के नेतृत्व में कविता, सुषमा और ममता ने छात्राओं को स्ट्रेट पंच, जैब पंच, क्रॉस पंच, हुक पंच और अपरकट पंच का अभ्यास करवाया। संकट में सतर्कता और सूझबूझ जरूरी खैरथल थाने की कॉन्स्टेबल शर्मिला और मनीषा ने छात्राओं को संकट के समय घबराने के बजाय सतर्कता और सूझबूझ से निर्णय लेने की सलाह दी। उन्होंने संभावित खतरों के प्रति जागरूक रहने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सरस्वती मीणा ने बताया कि प्रशिक्षण में महाविद्यालय की करीब 65 छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।