खैरथल नगर परिषद में वार्ड नं-3 से पार्षद बने कांग्रेस के रामधन के परिजनों ने उनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिजनों ने हाइब्रिड एंट्री से आए कांग्रेस के ही सभापति प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा समेत 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पार्षद के पिता यादराम जाटव ने रिपोर्ट में ओमप्रकाश रोघा, मनोहर लाल, सुमित रोघा और पंकज रोघा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इस दौरान भाजपा नेता और पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव जिला भाजपा अध्यक्ष महासिंह चौधरी, प्रभारी बलवान यादव सहित भाजपा कार्यकर्ता भी थाने में मौजूद थे। किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव ने बताया - परिजनों ने रिपोर्ट में बताया कि रामधन 14 सितंबर के बाद से गायब है। मामले में मारपीट और अपहरण की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से रामधन की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है। सभापति प्रत्याशी बोले - मैं रामधन को नहीं जानता वहीं इस मामले में कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह रामधन और उसके परिवार को जानते तक नहीं हैं। मुंडावर विधायक बोले- भाजपा ने धमकाकर झूठा मुकदमा करवाया इधर मामले में मुंडावर विधायक ललित यादव का कहना है - हमारे पार्षद रामधन के परिजनों को धमकाकर भाजपा झूठे मुकदमें दर्ज करवा रही है। हमारे भी 5 पार्षद गायब है। मैं डीजीपी से अपील करता हूं कि कई सारे मुकदमें पेंडिंग है। झूठे मुकदमों पर ध्यान देने कि बजाय उनपर ध्यान दें। नैतिक रूप से भाजपा को ये स्वीकार करना चाहिए कि उन्हें बहुमत नहीं मिला है। पार्षद के चाचा को भी अगवा करने का आरोप मामले में 17 सितंबर को ही रामधन के चचेरे भाई हेमंत कुमार ने भी थाना खैरथल में अलग रिपोर्ट दी। हेमंत ने बताया कि वह अपने ताऊ यादराम के साथ रामधन के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने आया था। रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद शैलजा ग्रिट्स के मालिकों ने रामधन को सुपुर्द करने की बात कहकर दोनों को वहां बुलाया। वहां पहुंचने पर हेमंत और यादराम दोनों को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया। हेमंत का आरोप है कि इस दौरान उसे मामले में कार्रवाई ना करवाने की धमकी देकर छोड़ दिया। लेकिन उसके ताऊ यादराम को अभी-भी बंधक बनाकर रखा गया है। परिवार ने जताया जान का खतरा हेमंत ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसके परिवार की जान को खतरा है। उसने पुलिस से रामधन और यादराम को बंधक से मुक्त कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया दोनों शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। कांग्रेस नेता ने ली थी भाजपा की सदस्यता बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह (विक्की चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके साथ ही 10 अन्य पार्षदों ने भी भाजपा को समर्थन दिया था। निकाय चुनाव में भाजपा को 8, कांग्रेस को 20 और निर्दलियों को 17 सीटों पर जीत मिली थी।