खैरथल-तिजारा जिले के कोटकासिम में महिला की 10वीं नार्मल डिलीवरी हुई है। महिला का बीपी 170से 190 के बीच में था। अलवर में डॉक्टरों ने हाई रिस्क देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया, लेकिन महिला अपने घर लौट आई। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला के घर पहुंची और अस्पताल में प्रसव कराने पर समझाइश की, लेकिन महिला नहीं मानी। सोमवार को समझाइश करने पर महिला कोटकासिम के प्राइवेट अस्पताल गई। यहां दोपहर एक बजे बेटी को जन्म दिया। महिला के अब 10 बच्चों में 4 बेटे और 6 बेटी हैं। महिला सरोज मुनपुर ठाकरान (खानपुर) गांव की रहने वाली है। उसके पति नारायण खेती करते हैं। महिला की शादी 2006 में हुई थी। सबसे बड़ी बेटी मुस्कान 16 साल की है। सबसे छोटी बेटी अनाया 4 साल की है। जयपुर रेफर किया गया तो घर चली गई महिला पूर सीएचसी की डॉ. मधु यादव ने बताया- 21 जुलाई को महिला सरोज (39) पत्नी नारायण को खानपुर के उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां डॉक्टर श्रीपाल गुर्जर ने प्राथमिक जांच के बाद सरोज को पूर सीएचसी भेज दिया। यहां जांच के दौरान महिला का बीपी 170 से 190 के बीच पाया गया,जो हाई रिस्क कैटेगिरी में आता है। सरोज की हालत को देखते हुए उसे 108 एम्बुलेंस से अलवर के जनाना अस्पताल रेफर कर दिया। अलवर से भी उसे जयपुर के सांगानेरी गेट अस्पताल रेफर किया था, लेकिन सरोज जयपुर जाने के बजाय अपने घर लौट आई। एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे, लेकिन नहीं मानी डॉ. मधु यादव ने कहा- सीएमएचओ, बीसीएमओ सहित ब्लॉक के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार महिला और उसके परिजनों से संपर्क में रहे। सभी ने सुरक्षित प्रसव के लिए सरोज को अलवर जनाना अस्पताल जाने के लिए कहा। गांव में 108 एंबुलेंस भी बुला ली, लेकिन सरोज तैयार नहीं हुई। सरोज ने हर बार कहा कि मैं आज नहीं जाऊंगी। मुझे अपना घर भी देखना है। मैं ऐसे कैसे चली जाऊंगी। मुझे दो दिन का समय दो, पहले मुझे दिखा लेने दो। बाद में सोमवार को समझाइश के बाद सरोज कोटकासिम के एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई। मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं।