खैरथल–तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मूसाखेड़ा (किशनगढ़बास) में “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे (परिवर्तनकारी मंगलवार) – नेविगेटिंग लाइफ लीगली” अभियान के तहत एक प्रभावी विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 250 विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे विद्यालय परिसर ज्ञान और जागरूकता के उत्साह से सराबोर नजर आया। कानून से जुड़े विषयों पर जानकारी दी कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने विद्यार्थियों को सरल और रोचक अंदाज में कानून से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर अपराधों की पहचान और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बाल अधिकार, उनके संरक्षण के उपाय और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। उदाहरणों के माध्यम से दी गई जानकारी ने छात्रों को कानून को समझने और अपने अधिकारों के प्रति सजग होने के लिए प्रेरित किया। “कोर्ट वाली दीदी” पहल बनी आकर्षण का केंद्र शिविर के दौरान विद्यालय में “कोर्ट वाली दीदी” नाम से एक विशेष शिकायत पेटिका स्थापित की गई, जहां विद्यार्थी अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से दर्ज कर सकेंगे। यह पहल छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। हेल्पलाइन की दी गई जानकारी विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की विधिक सहायता या साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा पूरे कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न सिर्फ उनके अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत कराया, बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया। यह शिविर शिक्षा के साथ-साथ जीवन कौशल सिखाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।