खैरथल शहर के एक कॉलेज में 13 अक्टूबर को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस और सुरक्षा की भावना विकसित करना है। पुलिसकर्मियों ने कराया तकनीकों का अभ्यास कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेश गोठवाल ने बताया कि प्रशिक्षण के जरिए छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए तैयार किया जा रहा है। मुंडावर थाने की कांस्टेबल सुषमा और कविता ने प्रशिक्षक के रूप में छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि मुश्किल हालात में सतर्कता, सूझबूझ और आत्मविश्वास के साथ अपना बचाव कैसे किया जा सकता है। साथ ही संभावित खतरों को पहचानने और सही समय पर उचित निर्णय लेने के तरीके भी समझाए। आत्मरक्षा के लिए मानसिक मजबूती भी जरूरी कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सरस्वती मीणा ने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती भी महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के प्रशिक्षण से छात्राएं खुद को अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस करती हैं। कार्यक्रम में डॉ. जाकिर हुसैन, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. राहुल वर्मा, राजवीर सिंह मीणा, प्रभु दयाल, सोम्या बारेठ और विक्रम सिंह मौजूद रहे। प्रशिक्षण में करीब 70 छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया और आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।