खैरथल-तिजारा जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मानदेय बढ़ाने और लंबित मांगों के समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने बताया- वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद, उन्हें उनके कार्य के अनुरूप न तो उचित पारिश्रमिक मिल रहा है और न ही आवश्यक सुविधाएं। इस स्थिति के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उनकी प्रमुख मांगों में सभी आशा कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण कर उन्हें राज्य सरकार के अधीन स्थायी कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। इसके अलावा, लंबित और वर्तमान प्रोत्साहन राशि (क्लेम) का एकमुश्त भुगतान करने, न्यूनतम मासिक मानदेय 25 हजार रुपए निर्धारित करने और प्रत्येक माह निश्चित तिथि पर नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई। आशा कार्यकर्ताओं ने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई। साथ ही, ड्यूटी के लिए एक निश्चित कार्य समय तय करने की भी मांग की गई है। मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा कार्य बहिष्कार आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपना कार्य बहिष्कार जारी रखेंगी। उन्होंने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनीषा, मोनिका, अनीता, मीनाक्षी, रेशमा, पूनम, आशा देवी, कृष्णा, लक्ष्मी देवी, रेखा बाई, सरोज, उषा, नफीसा, पवित्रा, रेखा, रीना, धर्मा, निशा रानी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित थीं।