निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।