वीर तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल में सोमवार को मुख्य मेले का आयोजन हो रहा है। मेले में 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं। करीब 600 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं, जबकि 200 से अधिक सेवादार जोधपुर-नागौर एनएच-62 समेत प्रमुख मार्गों पर यातायात संभाल रहे हैं। सुबह 5 बजे आरती के साथ मेले की शुरुआत हुई और धर्मसभा में संत-महात्मा प्रवचन कर रहे हैं। मेले से पहले रविवार रात तेजा गायन हुआ, जबकि सुरसुरा से अखंड ज्योत भी खरनाल लाई गई है। मेले के दौरान खरनाल से नागौर तक 13 किलोमीटर की साइकिल दौड़ भी आयोजित की जाएगी। सुबह 5 बजे आरती से मेले की शुरुआत, संत कर रहे प्रवचन खरनाल में सोमवार सुबह 5 बजे आरती के साथ मेले की शुरुआत हुई। इसके साथ ही धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है। धर्मसभा में संत-महात्मा प्रवचन दे रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेजाजी मंदिर पहुंच रहे हैं। मेले को लेकर खरनाल में ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा निभाई जा रही है। गांव के हर घर में मेहमानों का सत्कार हो रहा है। श्रद्धालुओं को तेजाजी का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। मेले से एक दिन पहले रविवार रात वीर तेजाजी मंदिर में तेजा गायन का आयोजन हुआ। भोपाली दरियाव महाराज ने श्रद्धालुओं को तेजाजी की कथा सुनाई। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक कार्यक्रम में मौजूद रहे। खरनाल में मेले से पहले वीर गति स्थान सुरसुरा से अखंड ज्योत लाई जाती है। परंपरा के अनुसार यह ज्योत वर्षभर तेजाजी मंदिर में प्रज्वलित रहती है। मेले के दौरान श्रद्धालु इसके दर्शन करते हैं।