बूंदी के खटकड़ अस्पताल में बुधवार को इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद हंगामा हो गया। बुखार की शिकायत पर अस्पताल पहुंची जावरा की झोपड़ियां निवासी मोतिया बाई की बीपी जांच के बाद इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों के अनुसार, इसके बाद महिला के मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें बूंदी जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और 20-25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। मांगें पूरी होने तक उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया। इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी महिला की हालत परिजनों के मुताबिक, जावरा की झोपड़ियां निवासी मोतिया बाई को बुखार था। उनका बेटा नरेन्द्र मीणा उन्हें इलाज के लिए खटकड़ अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल में महिला का ब्लड प्रेशर जांचने के बाद इंजेक्शन लगाया गया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गईं। महिला की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में मौजूद चिकित्साकर्मियों ने उन्हें बूंदी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का हंगामा, मुआवजे की मांग पर अड़े महिला की मौत के बाद परिजनों ने खटकड़ अस्पताल में हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार को 20 से 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। घटना के बाद अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। विधायक हरिमोहन शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल विधायक हरिमोहन शर्मा ने इस घटना को डॉक्टरों की लापरवाही बताते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बूंदी में स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ गई हैं और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।