खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में मानव-वन्यजीव संघर्ष योजना और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल बनाने को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक न्यायालय परिसर, किशनगढ़बास में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रनवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में प्रशासनिक, पुलिस और वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाना और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करना था। जागरूकता की कमी बताया बैठक के दौरान, सचिव रनवीर सिंह ने साल 2025 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी नालसा (एचडबल्यूसी) योजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव के कारण प्रभावित लोगों को अक्सर भारी शारीरिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन जागरूकता की कमी और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के कारण उन्हें समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता। इस समस्या के समाधान के लिए, योजना के तहत एक सरल तंत्र विकसित किया गया है। इसमें पैरा लीगल वॉलंटियर्स और पैनल अधिवक्ता क्षेत्र स्तर पर पीड़ितों की पहचान कर उन्हें आवेदन से लेकर मुआवजा मिलने तक हर संभव विधिक सहायता प्रदान करेंगे। सचिव ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सभी हितधारकों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रावधानों से अवगत कराया जाए। इससे पीड़ितों को मृत्यु, चोट या फसल नुकसान की स्थिति में अविलंब राहत मिल सकेगी। आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर भी व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में उपस्थित एसडीएम मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह, वन विभाग के रेंज अधिकारी मनीष यादव व प्रदीप यादव और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग से गजराज यादव को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। सचिव ने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोक अदालत के नोटिसों की तामीली समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। साथ ही अधिक से अधिक प्रकरणों को प्री-काउंसलिंग के माध्यम से निपटारा किया जाए।