अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-02 किशनगढ़बास जगदीश प्रसाद मीना ने दहेज हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर लोक अभियोजक एडवोकेट अजीत राव ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी देशराज पुत्र रोहिताश और उसके बेटे संदीप निवासी ग्राम बिलाहेड़ी, थाना कोटकासिम को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी एवं 498-ए के तहत दोषी मानते हुए ये सजा सुनाई। यह था मामला मामले के अनुसार परिवादी ओमी यादव पुत्र सरदार सिंह निवासी माजरा भालकी, थाना खोल, जिला रेवाड़ी (हरियाणा) ने 19 अगस्त 2017 को कोटकासिम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी बेटी मोनिका की शादी 14 अप्रैल 2012 को संदीप के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में सामर्थ्य अनुसार दहेज दिया गया था, जिसमें एक हुंडई कार, करीब पांच लाख रुपए के जेवरात तथा घरेलू सामान शामिल था। 20 लाख रुपए की मांग की आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोनिका को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा और 20 लाख रुपए की मांग की जाने लगी। परिवादी ने आरोप लगाया कि दबाव में आकर उसने 10 लाख रुपए भी दिए, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। रिपोर्ट के अनुसार मोनिका कुछ समय के लिए अपने पीहर आ गई थी। बाद में ससुराल पक्ष के लोगों और गांव के बुजुर्गों के आश्वासन पर उसे वापस भेज दिया गया। घटना से करीब 10-15 दिन पहले मोनिका ने फोन कर फिर से दहेज के लिए परेशान किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद सूचना मिली कि मोनिका की जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी गई है। परिवादी जब परिजनों के साथ बिलाहेड़ी गांव पहुंचा तो उसकी बेटी मृत अवस्था में मिली। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पोस्टमार्टम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी देशराज और संदीप को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।