कोटा में चंबल नदी के 3 बांधों की दशा सुधारी जाएगी। राज्य सरकार की पहल पर राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज के आधुनिकीकरण के लिए करीब 225 करोड़ की लागत से काम होंगे। बांधों के पुनर्वास और सुरक्षा सुधार के लिए यह काम डैम रिहैबिलिटेशन एंड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (ड्रिप फेज-2) के तहत होंगे। इनके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इससे क्षेत्र में जल प्रबंधन, सिंचाई और बिजली उत्पादन को अधिक मजबूत किया जा सकेगा। ये काम बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति को बिना बाधित किए किया जाएगा। कोटा बैराज के गेटों का रिप्लेसमेंट होगा 60 साल बाद कोटा बैराज के गेटों का रिप्लेसमेंट होगा। कोटा बैराज में वर्ष 1960 में निर्माण के बाद से हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों में बड़ा रिप्लेसमेंट और ओवरहालिंग कार्य नहीं हुआ है। इसके 19 रेडियल गेट और 2 स्लुइस गेट (ऊपर खींचने वाले) की स्थिति ठीक नहीं है। स्लुइस गेट कई सालों से खराब हैं। अब इस प्रोजेक्ट के तहत 19 रेडियल गेटों, 2 स्लुइस गेटों, 2 सैट स्टॉपलॉग गेट, गैंट्री क्रेन और बिजली उपकरणों को बदलने का कार्य करते हुए आधुनिकीकरण किया जाएगा। बता दें कि कोटा और बूंदी जिलों की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को देखते हुए सुधार कार्यों के दौरान भी बैराज का जल स्तर 854.50 फीट पर बना रहेगा। सभी काम पूर्ण जल भराव की स्थिति में ही किए जाएंगे। बिना बिजली उत्पादन बाधित किए होगा सुदृढ़ीकरण चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित राणा प्रताप सागर बांध, चंबल परियोजना का प्रमुख जल भंडारण केंद्र है। यह बांध पेयजल और सिंचाई के लिए जल उपलब्धता के साथ-साथ 172 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता रखता है। बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति को बिना बाधित किए इस बांध के 17 वर्टिकल क्रेस्ट गेटों, गेंट्री क्रेन, 4 स्लुइस गेटों, स्टॉपलॉग गेटों को बदलने का काम और स्काई-जंप बकेट की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। ये वर्टिकल गेट 18408 क्यूमेक्स तक की बाढ़ निकासी क्षमता रखते हैं। जवाहर सागर बांध में तकनीकी सुधार किए जाएंगे बूंदी जिले के तालेड़ा ब्लॉक में राणा प्रताप सागर बांध के नीचे (डाउनस्ट्रिम में) स्थित जवाहर सागर बांध साल 1972 में बना था। लगभग 33.66 मीटर ऊंचे बांध की सुरक्षा और 99 मेगावाट क्षमता वाले पावर हाउस की दक्षता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास और तकनीकी सुधार किए जाएंगे। यह संरचना चंबल नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने और डाउनस्ट्रीम जल प्रबंधन में अहम भूमिका निभाती है। बांध में 15.24 मीटर चौड़ाई एवं 13.41 मीटर ऊंचाई के 12 रेडियल गेट हैं। इसकी भराव क्षमता 67.11 एमसीयूएम है।